पूर्वांचल से वेस्ट यूपी कनेक्ट होगा 594 KM एक्सप्रेसवे से, इन 12 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा Uttar Pradesh Expressway

Uttar Pradesh Expressway : उत्तर प्रदेश में जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने वाला है। यह 594 किलोमीटर लंबा होगा और इसे राज्य का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है। यह परियोजना न केवल यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगी, बल्कि 12 जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार देगी।

चार चरणों में हो रहा निर्माण

इस एक्सप्रेसवे का काम चार चरणों में पूरा किया जा रहा है। मेरठ से बदायूं तक का 129 किलोमीटर का हिस्सा लगभग पूरा हो चुका है। बाकी तीन चरणों में अंतिम कार्य तेजी से जारी है और सरकार समय पर इसे पूरा करने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।

करोड़ों की लागत से बनेगा सपना

गंगा एक्सप्रेसवे को बनाने में करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत आ रही है। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देगा। इसके पूरा होने से न केवल यात्रा आसान और आरामदायक होगी बल्कि राज्य में रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।

किन 12 जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे

यह विशाल एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ेगा। इससे इन जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा।

518 गांवों से होकर गुजरेगा रास्ता

गंगा एक्सप्रेसवे का रास्ता लगभग 518 गांवों से होकर निकलेगा। जहां भूमि अधिग्रहण हुआ है, वहीं अब आसपास के इलाकों में व्यापार और विकास की नई संभावनाएं खुलने लगी हैं। स्थानीय लोगों को इससे रोजगार और व्यवसाय दोनों में लाभ मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा हाइवे

गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक बनाने के लिए इसमें अत्याधुनिक कैमरे, रोड लाइट्स, डिस्प्ले बोर्ड और पौधा रोपण जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। यह एक्सप्रेसवे न केवल तेज गति से यात्रा करने का साधन होगा बल्कि इसे सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया है।

टोल प्लाजा और सर्विस रोड का काम जारी

अभी एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा और सर्विस रोड का काम जारी है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसे समय पर पूरा किया जाए ताकि यात्रियों को सभी सुविधाएं एक साथ मिल सकें और संचालन में किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

प्रयागराज तक आसान और आरामदायक सफर

पहले मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा लंबी और थकान भरी होती थी। लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद यह सफर अब कम समय और आरामदायक तरीके से पूरा किया जा सकेगा। यह परियोजना यूपी में आवागमन और आर्थिक गतिविधियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. गंगा एक्सप्रेसवे कितने किलोमीटर लंबा है?
गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा है।

Q2. इस प्रोजेक्ट की लागत कितनी है?
करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।

Q3. गंगा एक्सप्रेसवे किन जिलों को जोड़ेगा?
यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ेगा।

Q4. एक्सप्रेसवे कितने गांवों से होकर गुजरेगा?
गंगा एक्सप्रेसवे लगभग 518 गांवों से होकर निकलेगा।

Q5. इस एक्सप्रेसवे पर क्या आधुनिक सुविधाएं होंगी?
इस पर कैमरे, रोड लाइट, डिस्प्ले बोर्ड और पौधा रोपण जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

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